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| Scope | National, Asian |
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| Language | Hindi |
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Search Articlesआम आदमी क्लीनिक: मेडिकल टेस्ट से लेकर जरूरी दवाएं, सबकुछ फ्री, गांवों पर खास फोकस
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आम आदमी क्लीनिक (AACs) की शुरुआत की है. ये क्लीनिक राज्य के निवासियों के घरों से मात्र 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं. आम आदमी क्लीनिक की यह पहल कई तरह के फायदों की वजह से देश-विदेश में न सिर्फ सुर्खियां बंटोर रही है बल्कि पुरस्कृत भी हो रही है. आइए आपको एक नजर में इसकी विशेषताएं बताते हैं...
पंजाब में आम आदमी क्लीनिक: 2 करोड़ लोग उठा चुके मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का फायदा
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने अपने नागरिकों को घरों के पास ही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 'आम आदमी क्लीनिक' (AACs) की स्थापना की है. इससे पहले दिल्ली की AAP सरकार का मोहल्ला क्लिनिक का मॉडल भी देश-दुनिया में विख्यात हो चुका है. अब पंजाब सरकार की इस आम आदमी क्लिनिक ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच नहीं पाते थे.
CM भगवंत मान की SSF ने सड़क हादसों में ला दी 45 फीसदी की कमी
Punjab Govt SSF initiative: सड़क सुरक्षा को लेकर पंजाब सरकार ने पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इनमें से सबसे प्रभावी कदम रही है "सड़क सुरक्षा फोर्स" (SSF) की स्थापना. पंजाब में SSF के असर को इस बात से ही समझा जा सकता है कि इसकी मदद से सड़क दुर्घटनाओं में 45 फीसदी से अधिक की कमी होने का दावा किया जा रहा है. भगवंत सिंह मान सरकार की यह पहल प्रदेश में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. SSF पंजाब में अगस्त 2023 से प्रभावी हुई है.
CM भगवंत मान की पहल पर 35 साल बाद इस गांव में पहुंचा नहर का पानी, झूम उठे किसान
पंजाब में भू-जल के गिरते लेवल, अनियमित बारिश के बीच सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए मुख्यमंत्री सिंह भगवंत सिंह मान के इनिशिएटिव संजीवनी का काम कर रहे हैं. फाजिल्का का जानीसर गांव जहां पिछले 35 सालों से लोग सीमित भू-जल श्रोत पर ही निर्भर थे, उनके लिए नहर का पानी किसी सपने जैसा था. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल का नतीजा ये निकला कि सूखे नहर में बहते पानी की धार देख किसानों के चेहरे खिल उठे. पंजाब में कई ऐसी नहरें हैं जहां आजादी के बाद से पानी पूरी तरह गायब है.
पंजाब में सड़क सुरक्षा के लिए मील का पत्थर बन रही है SSF, ऐसे काम करती है ये फोर्स
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की नेतृत्व वाली सरकार ने सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) का गठन किया है. सीएम भगवंत सिंह मान की सरकार के इस कदम का उद्देश्य राज्य की करीब 5500 किलोमीटर सड़कों की निगरानी करना, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात के नियमों का पालन करवाना है. इसके लिए यह फोर्स सड़क पर गश्त करती है और नियमों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी निगरानी रखती है. अपने गठन के बाद से ही SSF ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में खासा सकारात्मक असर दिखाया है.
पंजाब के किसानों के लिए गेम चेंजर साबित होगी 'मालवा नहर', 250 गावों को मिलेगा भरपूर पानी
पंजाब...ये शब्द जुबान पर आते ही लहलहाते खेत, खनखनाती पकी फसलें, खुशियों से झूमता किसान आखों में तैरने लगता है. वहीं कुछ सालों से पंजाब में वाटर लेवल का नीचे गिरना, अनियमित बारिश और मिट्टी के क्षरण जैसी समस्याओं ने किसानों का मनोबल गिराने का काम किया है. प्रदेश में भगवंत सिंह मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद पंजाब को अन्न का भंडार बनाने के लिए पहल की जाने लगी है. सीएम भगवंत सिंह मान के निर्देशन में 2,300 करोड़ रुपये की लागत वाली मालवा नहर बनाई जा रही है.
Union Budget 2024: बजट में रक्षा क्षेत्र के साथ हुआ न्याय
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का साल 2024-25 का बजट पेश करते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए 4.54 लाख करोड़ का प्रस्ताव किया. यह संयोग ही है कि कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) से चंदेक दिन पहले ही संसद में पेश आम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए ठीक-ठाक राशि का ही प्रस्ताव किया गया. भारत अपने रक्षा बजट की किसी भी सूरत में अनदेखी नहीं कर सकता. कारण हम सबको पता है. हमारे दो गैर-जिम्मेदाराना हरकतों के लिये कुख्यात पड़ोसी- चीन और पाकिस्तान भारत के कट्टर शत्रु देश हैं.
गीता मय हुआ अमेरिका... कृष्ण को अपने भीतर उतारने का महाभियान
एसजीएस गीता फाउंडेशन और कृष्ण दत्त हनुमान मंदिर ने 19-21 जुलाई 2024 तक शिकागो, इलिनॉय के उपनगर हॉफमैन एस्टेट्स के एनओडब्ल्यू एरिना में अपने तीन दिवसीय गीता उत्सव का सफल आयोजन किया. यह कार्यक्रम, भगवद गीता की शिक्षाओं के माध्यम से विश्व शांति को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है, इसमें भक्तों और आध्यात्मिक उत्साही लोगों की भारी भागीदारी देखी गई. उत्सव की शुरुआत 19 जुलाई को गीता टैलेंट शो के साथ हुई, जिसमें एसजीएस गीता फाउंडेशन के महायज्ञ छात्रों की असाधारण प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया गया.
वो पहाड़ी, जहां महाकश्यप को आज भी है भगवान बुद्ध के आने का इंतजार
“बुद्धम् शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि.” साप्ताहंत की छूट्टियाँ होने पर घर पहुँचा तो टीवी पर उच्चारित हो रहे शब्दों की ये पवित्र माला कानों में पड़ते ही अनायास ध्यान उस तरफ खींचा चला गया. टीवी पर कोई न्युज़ चैनलवाला गया शहर में स्थित गुरपा पहाड़ी की टेर लगा रहा था. अब गया शहर ठहरा मेरा गृहप्रदेश और ऊपर से एक विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल. स्वभाव से ही यायावर होने के कारण शहर और इसके आसपास के सभी इलाके तो अबतक मैने छान मारे थे.
सत्तर के दशक की जिंदगी का दस्तावेज़ है बासु चटर्जी की फिल्में
फिल्म देखते समय हमारे मन में एक सहज भाव रहता है कि एक कहानी देखेंगे जिसमें मजा आएगा. पीरियड ड्रामा, प्रेम कथा, सामाजिक-राजनीतिक विषयक, साइक्लॉजिकल थ्रिलर इत्यादि. लेकिन, कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें हम अपनी सामान्य दिनचर्या से जोड़कर देखने लगते हैं. बासु चटर्जी की फिल्में ऐसा ही एहसास करातीं हैं. बासु दा का लालन—पालन एक सामान्य शहरी मध्यम वर्ग परिवार में हुआ और उनकी फिल्में भी इसी परिवेश की कथा कहती हैं.