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Search Articlesसावन शुक्ल पक्ष में हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक कई पर्व, जानें व्रत-त्योहारों की पूरी जानकारी
सावन महीने का शुक्ल पक्ष 13 अगस्त से शुरू हो गया है और 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ इसका समापन होगा. धार्मिक दृष्टि से यह पक्ष बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान हरियाली तीज, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख व्रत-पर्व आएंगे. इसके अलावा भगवान गणेश, सूर्य, शिव-पार्वती और हनुमान जी की पूजा के लिए भी कई खास तिथियां रहेंगी. आइए जानते हैं सावन शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार और उनकी पूजा विधि. सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 15 अगस्त, शनिवार को हरियाली तीज मनाई जाएगी.
ईशान कोण में हमेशा रखनी चाहिए ये 4 चीजें, धन-समृद्धि और सौभाग्य के खुलते हैं रास्ते
वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और उनमें रखी वस्तुओं का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि घर की सही दिशा में शुभ वस्तुओं को रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और वातावरण में सुख-शांति बनी रहती है. इन्हीं दिशाओं में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे देवी-देवताओं की दिशा भी कहा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यदि ईशान कोण को साफ-सुथरा और सकारात्मक रखा जाए और यहां कुछ विशेष वस्तुओं की स्थापना की जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रह सकती है.
Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि पर रहेगा भद्रा का साया, जानिए जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है. इस माह में पड़ने वाली सावन शिवरात्रि का शिवभक्तों को विशेष इंतजार रहता है. इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा, व्रत और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का अभिषेक और पूजन करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस बार सावन शिवरात्रि के दिन भद्रा का साया रहेगा.
आज है शुभ योग में कामिका एकादशी, जानिए सावन में भगवान विष्णु की पूजा का महत्व, ऐसे रखें व्रत
सावन महीने में आने वाली पहली एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस वर्ष कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा. एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में पड़ने वाली कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से भगवान शिव और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है. इससे जीवन में चल रही परेशानियों से राहत मिलने और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है.
Sawan 2026: भगवान शिव को कैसे मिला तीसरा नेत्र? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा
हम सभी ने भगवान शिव के तीसरे नेत्र को बारे जरूर सुना और तस्वीरों में देखा है. इस कारण से भगवान शिव को त्रिनेत्रधारी या त्र्यंबकेश्वर भी कहा जाता है. उनके मस्तक पर स्थित तीसरा नेत्र केवल एक दिव्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान, तप, विवेक और संहार की शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करता है. धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव के तीसरे नेत्र से जुड़ी कई कथाएं मिलती हैं. इन्हीं में एक प्रसिद्ध कथा बताती है कि आखिर महादेव के तीसरे नेत्र का प्राकट्य कैसे हुआ.
सावन में शिव जी पर क्यों चढ़ाया जाता है बेल पत्र? महादेव को इसलिए पसंद है ये पत्ता
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है. इस पूरे महीने देशभर के शिवालयों में भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर भोलेनाथ की पूजा करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर शिवलिंग पर बेलपत्र ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि पौराणिक मान्यताएं, आध्यात्मिक प्रतीक और आयुर्वेदिक महत्व भी जुड़ा हुआ है. मान्यता है कि भगवान शिव बेहद सरल स्वभाव के हैं, इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए किसी महंगे चढ़ावे की आवश्यकता नहीं होती.
कब है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत? इस विधि से करेंगी पूजा तो बढ़ेगी पति की उम्र
सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस वर्ष 4 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन सावन का पहला मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा. धार्मिक मान्यता है कि सावन के प्रत्येक मंगलवार को विवाहित महिलाएं माता मंगला गौरी का व्रत रखती हैं. यह व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और संतान की खुशहाली की कामना करती हैं. आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत का महत्व, शुभ योग, पूजा का समय, कथा और विधि.
Gen Z बदल गया या शातिर है? CJP प्रोटेस्ट से समझिए भारत में उनकी राजनीति
भारत की राजनीति में युवा हमेशा से निर्णायक ताकत रहे हैं, लेकिन Gen Z की राजनीतिक भाषा पिछली पीढ़ियों से अलग दिखाई दे रही है. यह पीढ़ी केवल रैली, नारे और पारंपरिक संगठन पर निर्भर नहीं है; मीम, सोशल मीडिया, डिजिटल नेटवर्क और व्यंग्य भी इसके राजनीतिक अभिव्यक्ति के साधन बन रहे हैं. 2026 में Cockroach Janta Party यानी CJP का उभार इसी बदलाव को समझने का एक नया केस स्टडी बन गया है. हालांकि, CJP को पूरे भारतीय Gen Z का प्रतिनिधि मानना अभी जल्दबाजी होगी.
Sawan 2026: शादी के बाद सावन के पहले सोमवार पर ऐसे करें पूजा, जोड़े से करें जलाभिषेक
( Image Source: (Image Source: AI Generated Image-chatgpt ) ) Sawan 2026: शादी के बाद सावन के पहले सोमवार पर ऐसे करें पूजा, जोड़े से करें जलाभिषेक| how to do pooja after marriage first sawan somvaar pooja vidhi शादी के बाद पहला सावन सोमवार कई परिवारों में विशेष रूप से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और समृद्धि बनी रहती है. इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण है सच्ची श्रद्धा और भक्ति.
अल्पायु नंदी कैसे बने भगवान शिव के सबसे प्रिय गण और वाहन? पढ़ें पौराणिक कथा
30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है. सभी शिवभक्तों को सावन के महीने का इंतजार हर वर्ष होता है. सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-आराधना और भक्ति के लिए सबसे अच्छा और पवित्र माना जाता है. सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक करने के साथ-साथ नंदी की भक्ति और श्रद्धाभाव से पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि यदि भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहते हैं तो वह संदेश सीधे भगवान शिव तक पहुंचता है और सच्चे मन से की गई प्रार्थना शीघ्र स्वीकार होती है.