रेगिस्तान की धरती पर पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद होता है। राजस्थान में जहां हर बूंद की कीमत समझी जाती है, वहीं विडंबना यह है कि वही प्रदेश अपने वेटलैंड तालाबों, झीलों, नाड़ियों और जलाशयों को धीरे-धीरे मरने के लिए छोड़ रहा है। यह केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर मंडराता खतरा है। प्रदेश में 46 हजार से अधिक वेटलैंड्स हैं, लेकिन उनमें से केवल 76 ही नोटिफाइड हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि जिन्हें कानूनी संरक्षण मिला, वे भी सीवरेज, कचरे,...